Friday, 25 September 2009

सहर संस्था मैं मेरा पहला इन्तेर्न्शिप शुरू है यह मैं ने ५ जुलाई २००९ से शुरू क्या आज मुझे करीब ७-८ दिन हो चुके है यहाँ का सारा काम मेरे अपने प्रोजेक्ट से काफी मिलता झूलता है करीब मैं एक कॉलेज है इस्माईल युसूफ कॉलेज सहर का एक प्रोजेक्ट इस कॉलेज मैं चलता है "परवाज़" परवाज़ का अर्थ होता हे उड़ान युवाओं के साथ एक्टिव सिटिज़नशिप, लीडरशिप, व्यक्तिगत विकास इन सब बातों को लेकर युवाओ के साथ बोहत ही बढ़िया तरीके से कम चलता है। इन युवाओं के साथ एक साल कामकरते हैं जो इन के पुरे विकास के लिए काफी होता है। साल ख़तम होने पर उन युवाओं को अगले बैच के युवाओं के विकास के लिए तैयार किया जाता है । ८ जुलाई २००९ को परवाज़ के नए सफ़र की शुरुवात हो गई इस के प्रचार के लिए करीब २०० विद्यार्थी जमा हुए थे परवाज़ के एक्टिविटी को युवाओं के सामने रखा गया उन युवाओं को भी सामने लाया जिन में इस प्रक्रिया से बदलाव आया है । उस प्रेजेंटेशन के बाद ६०-७० युवाओं ने अपनी समर्थन का प्रदर्शन दिया और इस एक साल के कार्यकर्म के लिए सप्ताह में एक दिन देना होता है शनिवार १.०० से ३.०० के बिच। इस के मैं ने परवाज़ के अगले बैच के लिए प्रचार मैं मदद की। कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ काम करने का अनुभव भी अच्छा रहा आगे भी हम जाने वाले है। सहर मैं कंप्यूटर शिक्षा भी उन युवाओं को दी जाती है जिसे अपने विकास के लिए समस्या आती है कंप्यूटर क्लास में बेसिक सोखाया जाता है जिस से वो कंप्यूटर चलाना जन जतेब है एम् .एस ऑफिस उन्हें पुरी ठरहा पढाया जाता है। उन के नए मॉड्यूल मैं मैं ने मदद की। ऑफिस २००७ होने की वाजे से मुझे भी कुछ नया सिखने मिला अपने दिनों के बारे में मैं इतना ही कहों गा। इस्माईल शरीफ

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